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पतंगों पे भारी मोबाइल की गुंडाई


 पंतगो पर मोबाइल की गुंडाई चल रही है
 इककी दुककी दलेर ही दिख रही है
बाकि सब मोबाइल ने काट दी है
आओ पेंच लड़ाए के  स्थान
को  पब जी ने कब्ज़ा लिया है
गलियों  मे पतंग लूटने वाले लौंडे
व्हाट्सप्प इंस्टा पर लौंडिया पटाने मे लगे हुए है
उनको नहीं पता की उनकी आशिक़ी की पतंग
इस बसंत मे कोई और ही कटाने वाला है
सोशल मीडिया पर बढ़ती आशिक़ो की आबादी
सिर्फ पेंच लड़ते देखेंगी पर पेंच लड़ा नहीं पायेगी
उनके दिमाग पर चिकन डिनर का खौफ जो मंडरा रहा है
कहते है ना अल्ताफ राजा वो साल दूसरा था ये साल दूसरा है
वो प्यार का साल  दूसरा था ये दौर दूसरा  है
उसकी छत पर गिरती पतंगों को लूटना
उसका आँखों से दिल पे वार
दिल की उमगों को इश्क की हवा मे  ढील देने
का दौर दूसरा था अब तो ब्यूटीप्लस के हवाले से झांकी बनाने का दौर है
इतने फिलटर आ गए है कसम से इतने तो पानी साफ़ करने वाली मशीनो मे नहीं है
तो कौन गिरला मांजा  लाएगा
जब चिलम गांजा से काम चल रहा है
अबे अब कौन पतंग उड़ाए गए गा
जब पब जी से काम चल रहा है
अब कौन पेंच लड़ायेगा
जब इंस्टा व्हाट्सप्प पर
प्यार का घमासान चल रहा है
पतंगों पर मोबाइल ने चौतरफा वार किया है
पर कुछ ने कीपैड छोड़ हाथो मे मांजा साध लिया
है
कटी हुई उंगलियों पे बैंडिट टेप का उपहार लिया है
दिल मे भरी इन् उमंगो ने फ़िज़ा से प्यार किया है
खैर शहर की पतंगों पर मोबाइल ने  चौतरफा वार किया है
शहर की पंतगो पर मोबाइल की गुंडाई चल रही है
 इककी दुककी दलेर ही दिख रही है
बाकि सब मोबाइल ने काट दी है
पतंगों पे भारी मोबाइल की गुंडाई
व्हाट्सप्प इंस्टा पे चल रही है आशिक़ो की लड़ाई

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अघोरी अमली  सिंह 

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